स्वार्थ का विलोम शब्द क्या है – Swarth Ka Vilom Shabd Bataiye

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स्वार्थ का विलोम शब्द परमार्थ होता हैं। स्वार्थ में व्यक्ति अपने हितों को सर्वोपरि रखता है। इसमें व्यक्ति दूसरों के हितों से निर्लिप्त रहता है और सिर्फ अपने व्यक्तिगत उत्पादों, सुखों और सुविधाओं की प्राप्ति के लिए प्रयास करता है।

Swarth Ka Vilom Shabd

स्वार्थी व्यक्ति दूसरों की मदद करने के बजाय खुद का लाभ देखता है। वह आदर्शों और नैतिक मूल्यों को नजरअंदाज करता है और लालच के चलते अनुचित फायदे हासिल करने के लिए नैतिक मूल्यों को नुकसान पहुंचाने के लिए तैयार होता है।

स्वार्थ का विलोम शब्द

प्रश्न: स्वार्थ का विलोम शब्द क्या होगा?

(अ) मतलबी

(ब) परमार्थ

(स) स्वार्थपरायण

(द) स्वयं का हित

उत्तर: (ब) परमार्थ

स्वार्थ का अर्थ क्या है?

स्वार्थ एक नकारात्मक व्यवहार है जो व्यक्ति के अपने लाभ को बढ़ाने के लिए दूसरों के सुख और भलाई को नजरअंदाज करने के प्रवृत्ति को दर्शाता है।

स्वार्थ शब्द का वाक्य में प्रयोग

  • उनकी स्वार्थी हरकतों की वजह से उन्हें अपने सम्बन्धों का नुकसान झेलना पड़ा।
  • स्वार्थी व्यक्ति दूसरों के साथ बुरा व्यवहार करता है ताकि वह अपना मुनाफा हासिल कर सके।
  • स्वार्थ के कारण, वह अपने समय और संसाधनों का उचित उपयोग नहीं करता है और फिर कहता है कि उसके पास उनकी कमी है।
  • उसके स्वार्थी दृष्टिकोण के कारण, वह अपने साथियों से अलग हो गया और अकेलापन का सामना करना पड़ा।

स्वार्थ का पर्यायवाची शब्द

स्वार्थ के कुछ पर्यायवाची शब्द हैं:

  • स्वार्थपरायण
  • मतलबी
  • स्वयं का हित
  • गरज़
  • अपना प्रयोजन
  • मतलबखोरी

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

स्वार्थ क्या है?

स्वार्थ एक ऐसी भावना है जिसमें व्यक्ति अपनी ही सुख-समृद्धि को सबसे ज्यादा महत्व देता है।

स्वार्थ और अल्पेक्षितता में क्या अंतर है?

अल्पेक्षितता में व्यक्ति अपनी ही संतुष्टि को नहीं बल्कि दूसरों की संतुष्टि को महत्व देता है।

स्वार्थ की वजह से हमारे समाज को कैसे नुकसान होता है?

स्वार्थ की वजह से हमारे समाज में बहुत सारे नुकसान होते हैं जैसे कि संघर्ष, विवाद, लोगों के बीच असंतुलितता, संदेह, लोगों के बीच बातचीत में कमी आदि।

स्वार्थ को कैसे दूर किया जा सकता है?

स्वार्थ को दूर करने के लिए व्यक्ति को अपने आस-पास के लोगों के साथ खुले मन से बातचीत करनी चाहिए, दूसरों की मदद करनी चाहिए और अनुशासन बनाए रखना चाहिए।

क्या स्वार्थ कभी-कभी अच्छा हो सकता है?

स्वार्थ कभी-कभी अच्छा भी हो सकता है, जैसे कि व्यक्ति अपने स्वार्थ के लिए कुछ नया करने के लिए प्रेरित होता है जो उसके साथ उसके परिवार के लिए भी फायदेमंद हो सकता है।

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